
मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। कतर से बड़ी मात्रा में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह जहाज लगभग 40 से 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, जो देश में घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय झंडे वाले दो बड़े गैस टैंकर — शिवालिक और नंदा देवी — कतर के रस लफान पोर्ट से LPG लेकर भारत के लिए रवाना हुए थे। दोनों जहाजों में मिलाकर करीब 92 हजार मीट्रिक टन LPG लदा है। यह मात्रा भारत में लगभग 60 से 70 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरने के बराबर बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी, जिसके बाद वे सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हो सके। दूसरा जहाज नंदा देवी भी गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचने वाला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व के देशों से आयात करता है। ऐसे में क्षेत्र में जारी युद्ध और समुद्री मार्गों पर खतरे के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि इन जहाजों के सुरक्षित पहुंचने से फिलहाल स्थिति में कुछ राहत मिली है।
उधर, जंग के बीच कई देशों में सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज और भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल-गैस बाजार के साथ-साथ भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ सकता है।
Author: Khabri Chai
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