
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, वहीं स्कूल में मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता में भी गंभीर अनियमितता देखी गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने घरघोड़ा ब्लॉक के महलोई स्थित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल में पदस्थ दो शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित थे। शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन योजना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। बच्चों को निर्धारित मापदंड के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। मेन्यू में हरी सब्जी शामिल किए जाने का प्रावधान होने के बावजूद छात्रों को केवल टमाटर की चटनी परोसी गई। इसे योजना के नियमों का उल्लंघन मानते हुए कलेक्टर ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मध्यान्ह भोजन योजना का सही तरीके से पालन हो।
प्रशासन ने संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही शिक्षा विभाग को स्कूलों के नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य सरकारी स्कूलों में भी हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अभिभावकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





