
छत्तीसगढ़ सरकार ने होली से पहले राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को अंतर की राशि एकमुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया गया। सरकार कृषक उन्नति योजना के तहत करीब 25 लाख किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होली पर्व से पहले करेगी।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, किसानों को धान का मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि प्रदान की जाएगी। यह भुगतान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इस धान खरीदी के आधार पर कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान के समर्थन मूल्य और घोषित दर के बीच अंतर की राशि दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह भुगतान किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य सरकार पहले भी किसानों को धान की अंतर राशि का भुगतान करती रही है। पिछले दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इस वर्ष होली से पहले 10 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान के बाद कुल वितरण राशि बढ़कर लगभग 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी।
सरकार का मानना है कि त्योहार से पहले किसानों को एकमुश्त भुगतान मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के निर्णय से खेती के प्रति किसानों का भरोसा बढ़ता है और उत्पादन में भी सकारात्मक असर पड़ता है।
कैबिनेट के इस फैसले को प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और भविष्य में भी कृषि विकास से जुड़े ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे।
Author: Khabri Chai
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