
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश में ठंड का प्रभाव कम होने लगा है और दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, बिलासपुर, दुर्ग सहित प्रदेश के कई जिलों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी गई है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास बढ़ रहा है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड अब भी महसूस की जा रही है। तापमान में इस उतार-चढ़ाव से लोगों को मौसम के दोहरे प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम के स्थिर बने रहने की संभावना है। इस दौरान किसी विशेष मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं, जिसके कारण तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रह सकती है। हालांकि सुबह और देर रात ठंड का असर पूरी तरह समाप्त होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
राजधानी रायपुर समेत मैदानी इलाकों में दोपहर के समय धूप तेज होने से लोगों ने गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कम करना शुरू कर दिया है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में अब भी ठंड का प्रभाव बना हुआ है, जहां सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में गर्मी और सुबह-रात ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बदलते मौसम के अनुसार खान-पान और दिनचर्या में सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, फरवरी के मध्य तक तापमान में धीरे-धीरे और वृद्धि हो सकती है, जिससे प्रदेश में ठंड का असर और कम होने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य बना हुआ है और किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
Author: Khabri Chai
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