जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने से योजनाओं से वंचित आदिवासी परिवार, प्रशासन से लगाई गुहार

रामानुजगंज क्षेत्र के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम झारा में रहने वाले 65 वर्षीय भगवान दास पिछले सात वर्षों से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। गोड़ जनजाति से होने के बावजूद अब तक उन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण उनका परिवार शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित है।

भगवान दास का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग में आवेदन जमा किया और जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, लेकिन हर बार किसी न किसी तकनीकी कारण या जांच प्रक्रिया का हवाला देकर उनका आवेदन लंबित रखा गया। वे लगातार तहसील कार्यालय और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

परिवार के सदस्यों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र नहीं होने से उन्हें सरकारी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, आवास योजना, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

ग्राम झारा के कई अन्य आदिवासी परिवारों ने भी इसी तरह की समस्या होने की बात कही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल और धीमी है। उनका कहना है कि बार-बार आवेदन करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पात्र व्यक्तियों के जाति प्रमाण पत्र जल्द जारी किए जाएं, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और जांच के आधार पर होती है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और पात्र व्यक्तियों को शीघ्र राहत देने का प्रयास किया जाएगा।

यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। जरूरत इस बात की है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर उन्हें योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel