
छत्तीसगढ़ के धमतरी रेंज से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सुरक्षा बलों की लगातार और प्रभावी कार्रवाई के चलते धमतरी रेंज को अब आधिकारिक रूप से “नक्सल मुक्त” घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की सुरक्षा नीति और जमीनी स्तर पर किए गए समन्वित अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।
हाल ही में धमतरी रेंज में सक्रिय 9 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने यह स्वीकार किया कि सुरक्षा बलों की बढ़ती दबिश, विकास कार्यों की पहुंच और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष अब तक कुल 189 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो राज्य में नक्सल गतिविधियों में लगातार गिरावट का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ सुरक्षा अभियानों का नतीजा नहीं है, बल्कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के दूरदराज इलाकों तक पहुंचने का भी परिणाम है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमतरी रेंज में पिछले कुछ वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से ऑपरेशन चलाए जा रहे थे। स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इसी रणनीति ने नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नक्सल मुक्त घोषित किए गए इलाकों में अब विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा, ताकि भविष्य में दोबारा किसी भी तरह की उग्रवादी गतिविधियों की गुंजाइश न रहे। प्रशासन का कहना है कि यह सफलता छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Author: Khabri Chai
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