पन्नू मर्डर प्लॉट केस: न्यूयॉर्क कोर्ट में निखिल गुप्ता ने कबूला गुनाह

खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के अनुसार गुप्ता ने अमेरिका की अदालत में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्वीकार कर लिया है। मामले में सजा का औपचारिक ऐलान 29 मई को किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक गुप्ता ने शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संघीय अदालत में अपना अपराध स्वीकार किया। अमेरिकी जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation (FBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह साजिश एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रची गई थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।

अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार निखिल गुप्ता उर्फ ‘निक’ ने सेकंड सुपरसिडिंग इंडिक्टमेंट में लगाए गए तीनों आरोप स्वीकार किए हैं। इनमें मर्डर-फॉर-हायर यानी पैसे देकर हत्या करवाने की साजिश, मर्डर-फॉर-हायर की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि गुप्ता ने अमेरिका में हत्या कराने के लिए एक सुपारी किलर की व्यवस्था करने की कोशिश की थी।

इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की गई थी। निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य में स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर 14 जून 2024 को उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा चलाया गया। शुरुआती सुनवाई के दौरान गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन बाद में उसने अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार जांच के दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर कथित साजिश को पहले ही नाकाम कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस मामले में कई देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया और विस्तृत जांच के बाद आरोप तय किए गए।

अमेरिकी एजेंसियों ने अपने आरोपों में दावा किया है कि भारत के एक पूर्व सरकारी अधिकारी विकास यादव ने कथित रूप से निखिल गुप्ता से पन्नू की हत्या की साजिश रचने को कहा था। आरोपपत्र में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी का भी उल्लेख है, जिसे “CC-1” के रूप में संदर्भित किया गया है। हालांकि इन आरोपों पर भारतीय सरकार की ओर से आधिकारिक संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी बताई गई है।

यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे भारत-अमेरिका संबंधों तथा वैश्विक सुरक्षा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में 29 मई को सजा के औपचारिक ऐलान के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

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Author: Khabri Chai

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