बंद कमरे में सिगड़ी बनी जानलेवा, सूरजपुर में पति-पत्नी और मासूम बेटी की मौत

सूरजपुर जिले में ठंड से बचने के लिए जलाकर रखी गई सिगड़ी एक ही परिवार के तीन सदस्यों के लिए जानलेवा साबित हो गई। जिले के श्रीनगर क्षेत्र अंतर्गत चंद्रपुर गांव में कोयले की सिगड़ी से निकले जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से पति-पत्नी और उनकी 4 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड से बचने के लिए परिवार ने रात में कमरे के भीतर कोयले की सिगड़ी जलाकर रखी थी और दरवाजे-खिड़कियां बंद कर सो गए। बंद कमरे में सिगड़ी से लगातार धुआं निकलता रहा, जिससे कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई। जहरीली गैस के कारण परिवार के तीनों सदस्य बेहोश हो गए और नींद में ही उनकी मौत हो गई।

सुबह काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। आसपास के लोगों ने आवाज लगाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा खोला, जहां परिवार के तीनों सदस्य अचेत अवस्था में मिले। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद लोगों से अपील की है कि ठंड से बचने के लिए बंद कमरों में सिगड़ी या अन्य ईंधन जलाकर न सोएं। विशेषज्ञों के अनुसार, कोयले की सिगड़ी या अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे लोगों को खतरे का आभास नहीं हो पाता और दम घुटने की घटनाएं हो सकती हैं।

इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों को सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और घरों में उचित वेंटिलेशन रखने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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