
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथन समिट में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर से हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में AI से जुड़े नवाचार और तकनीकी आइडिया प्रस्तुत करने के लिए करीब 40 हजार लोगों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के तीन चरणों के बाद 200 सर्वश्रेष्ठ आइडिया का चयन किया गया, जिन्हें ग्रैंड फिनाले में राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति देने के लिए नई दिल्ली आमंत्रित किया गया था।
ग्रैंड फिनाले में रायपुर निवासी भाई-बहन की इस सिबलिंग जोड़ी ने अपने AI आधारित “कर्तव्य” ऐप के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया और प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और उनके ऐप के विकास के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
“कर्तव्य” एक एंटी-फ्रॉड AI ऐप है, जिसे विशेष रूप से बढ़ते साइबर अपराध और AI आधारित वॉइस फ्रॉड को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यह ऐप फोन कॉल के दौरान AI जनित आवाज और वास्तविक मानवीय आवाज के बीच अंतर पहचान सकता है और संभावित धोखाधड़ी की स्थिति में उपयोगकर्ता को तुरंत अलर्ट करता है। वर्तमान में इस तकनीक में आठ भाषाओं में आवाज पहचानने की क्षमता विकसित की जा चुकी है, जबकि इसके आगे के संस्करणों पर काम जारी है।
अनुराग मानिक और आस्था मानिक रायपुर के प्रिंस कॉलोनी, लक्ष्मीनगर के निवासी हैं। उनके पिता अरुण कुमार बैंकिंग क्षेत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता सविता अरुण स्थानीय स्तर पर ओशिन ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। परिवार ने दोनों की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच इस तरह के AI आधारित समाधान आम लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। अनुराग और आस्था का यह नवाचार तकनीकी क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नवाचार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
Author: Khabri Chai
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