भोपाल रेप केस: माज खान-ओसाफ अली पर गंभीर आरोप, SIT कर रही जांच

भोपाल के खानूगांव क्षेत्र में 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और धमकी के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होती जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगा।

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के दिन और समय मुख्य आरोपी और उसका सहयोगी एक ही स्थान पर मौजूद थे। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से दोनों की लोकेशन खानूगांव क्षेत्र में एक साथ होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम की तस्दीक भी कराई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को आपत्तिजनक संदेश भेजे और उसके साथ छेड़छाड़ की। हालांकि पूछताछ के दौरान आरोपी ने छेड़छाड़ से इनकार करते हुए केवल निजी वीडियो बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस को डिजिटल मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने छात्रा का निजी वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और दबाव बनाकर संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वीडियो के आधार पर पीड़िता से पैसे वसूले गए। पुलिस इस पूरे मामले में डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। घटना में इस्तेमाल वाहन और अन्य वस्तुएं भी पुलिस ने बरामद कर ली हैं। एक आरोपी के पास से धारदार हथियार मिलने के बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई लग्जरी कारें जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार आरोपी अलग-अलग समय पर अलग-अलग स्थानों पर घटनाओं को अंजाम देने के लिए कई वाहनों का इस्तेमाल करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास इतनी संपत्ति और महंगी गाड़ियां कहां से आईं और उसके आर्थिक स्रोत क्या हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी जिम संचालन और निर्माण कार्य से जुड़े व्यवसायों में सक्रिय था, जिसके आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

मामले में एक पुलिस कर्मचारी पर आरोपी को विभागीय गोपनीय जानकारी देने का आरोप भी सामने आया है। आरोप है कि इससे आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई। इस संबंध में संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि उसके सहयोगी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संभावित पीड़िताओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और लोग भी इस गिरोह का शिकार तो नहीं बने। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना का वीडियो जिस मोबाइल फोन से बनाया गया था, उसे आरोपी ने नष्ट करने का दावा किया है। पुलिस मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। यह टीम पीड़िता का बयान दर्ज करने, आरोपियों से पूछताछ करने और पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ने का काम करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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Author: Khabri Chai

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