
रायपुर, 3 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना राज्य की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनती जा रही है। इस योजना से लाभान्वित होकर कई महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायी कहानी सारंगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत संडा की निवासी श्रीमती भगवती रात्रे की है, जिन्होंने कठिन हालातों को पीछे छोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की राह चुनी।
श्रीमती भगवती रात्रे के परिवार में वे स्वयं, उनके पति और तीन वर्ष की एक मासूम बेटी हैं। विवाह के बाद पारिवारिक कारणों से उन्हें ससुराल से अलग रहकर जीवन यापन करना पड़ा। परिवार की आय का एकमात्र साधन उनके पति की मजदूरी थी, जिससे किसी तरह घर का खर्च चलता था। लेकिन एक गंभीर दुर्घटना के बाद उनके पति काम करने में असमर्थ हो गए। इलाज का खर्च, घर की जरूरतें और बच्ची की परवरिश ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया।
इसी मुश्किल दौर में महतारी वंदन योजना उनके जीवन में उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना के तहत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि को उन्होंने केवल दैनिक खर्च तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समझदारी से नियमित बचत शुरू की। इसी बचत के जरिए उन्होंने करीब 6 हजार रुपये की सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार की शुरुआत की।
आज श्रीमती भगवती रात्रे घर से ही सिलाई का कार्य कर रही हैं और इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 हजार रुपये की आय हो रही है। इस आय से वे परिवार का भरण-पोषण, पति के इलाज में सहयोग, बेटी की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं।
महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी दिलाया है। आज वे खुद को बोझ नहीं, बल्कि अपने परिवार की मजबूती मानती हैं। उनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
श्रीमती भगवती रात्रे ने इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.




