
कस्टम और पुलिस की कार्रवाई में सोने की तस्करी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें तस्कर ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया। आरोपी ने सोने को बेहद पतली शीट और तार के रूप में ढालकर मोबाइल फोन के सिम कार्ड स्लॉट और उसके अंदर छिपा रखा था। बरामद किए गए सोने की कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला हाल का है और नियमित जांच व स्कैनिंग के दौरान अधिकारियों को एक मोबाइल फोन में असामान्य घनत्व दिखाई दिया। पहली नजर में फोन सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन स्कैनिंग मशीन में मिले संकेतों के बाद जब गहन जांच की गई, तो सिम स्लॉट के भीतर छुपाया गया सोना सामने आया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
जांच एजेंसियों का कहना है कि तस्कर लगातार नए-नए जुगाड़ अपनाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। पहले जहां कपड़ों, बैग या शरीर के भीतर सोना छिपाने के मामले सामने आते थे, वहीं अब मोबाइल फोन जैसे रोजमर्रा के उपयोग के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा है। इससे यह साफ होता है कि तस्करी के तरीके समय के साथ और अधिक तकनीकी और चालाक होते जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन में छुपाया गया सोना इतनी बारीकी से फिट किया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना मुश्किल था। यदि स्कैनिंग में जरा-सी भी चूक होती, तो तस्कर आसानी से निकल सकता था। इस घटना के बाद कस्टम और सुरक्षा एजेंसियों ने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की जांच को और अधिक सख्त करने के संकेत दिए हैं।
फिलहाल आरोपी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि सोना कहां से लाया गया था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल होते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तस्करी रोकने के लिए केवल पारंपरिक जांच काफी नहीं है, बल्कि हाई-टेक निगरानी और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
Author: Khabri Chai
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