रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने की तैयारी, जम्मू-कश्मीर की शानदार बढ़त

घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट Ranji Trophy में Jammu and Kashmir cricket team इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गई है। Karnataka cricket team के खिलाफ खेले जा रहे फाइनल मुकाबले के पांचवें दिन लंच तक जम्मू-कश्मीर ने 576 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। कामरान इकबाल के शानदार शतक और साहिल लोत्रा के साथ उनकी मजबूत साझेदारी ने टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया है।

हुबली में खेले जा रहे इस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। ऐसे में यदि मैच ड्रॉ भी रहता है तो पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बन सकता है। टीम आठ बार की विजेता कर्नाटक को हराने के बेहद करीब नजर आ रही है।

मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर ने 186/4 के स्कोर से खेलना शुरू किया। सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक पूरा किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लंच तक टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 285 रन बना लिए थे। कामरान इकबाल 124 रन और साहिल लोत्रा 80 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी करते हुए कर्नाटक के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और टीम की कुल बढ़त 576 रन तक पहुंचा दी, जिससे कर्नाटक के लिए मैच में वापसी बेहद कठिन हो गई।

इससे पहले चौथे दिन जम्मू-कश्मीर को कुछ शुरुआती झटके लगे थे। यावर हसन 1 रन, शुभम पुंदीर 4 रन, कप्तान पारस डोगरा 16 रन और अब्दुल समद 32 रन बनाकर आउट हुए। कर्नाटक की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट हासिल किए, जबकि विजयकुमार वैशाख और श्रेयस गोपाल को एक-एक विकेट मिला।

मुकाबले के पहले दिन जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और शानदार प्रदर्शन करते हुए 584 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए शुभम पुंदीर ने 121 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि यावर हसन ने 88 रन बनाए। कप्तान पारस डोगरा ने 70, अब्दुल समद ने 61, विकेटकीपर कन्हैया वाधवान ने 70 और साहिल लोत्रा ने 72 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। जम्मू-कश्मीर ने लगभग ढाई दिन तक बल्लेबाजी करते हुए कर्नाटक के गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी। कर्नाटक की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट लिए, जबकि विद्याधर पाटील, विजयकुमार वैशाख, श्रेयस गोपाल और शिखर शेट्टी को एक-एक सफलता मिली।

584 रन के लक्ष्य के जवाब में कर्नाटक की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 57 रन पर ही चार विकेट गंवा दिए। केएल राहुल 13 रन और कप्तान देवदत्त पडिक्कल 11 रन बनाकर आउट हुए, जबकि करुण नायर और रविचंद्रन स्मरण खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल ने 160 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके आउट होते ही कर्नाटक की पूरी टीम 293 रन पर सिमट गई और जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 291 रन की बड़ी बढ़त मिल गई।

जम्मू-कश्मीर की ओर से तेज गेंदबाज आकिब नबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट लिए। सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह चरक को दो-दो विकेट मिले, जबकि साहिल लोत्रा ने एक विकेट हासिल किया।

फाइनल तक के सफर में जम्मू-कश्मीर ने ग्रुप चरण में तीन मैच जीतकर और तीन मुकाबले ड्रॉ खेलकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि टीम को एकमात्र हार Mumbai cricket team के खिलाफ मिली थी। क्वार्टर फाइनल में टीम ने मध्य प्रदेश को हराया और सेमीफाइनल में Bengal cricket team को 6 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर कर्नाटक 11 साल बाद रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचा था और उसने क्वार्टर फाइनल में मुंबई को हराने के बाद सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

फिलहाल मैच के अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर मजबूत स्थिति में है और टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel