रायपुर प्रशासन की पहल — रोजगार सहायकों को दिया गया लाइफ सेविंग ट्रेनिंग

रायपुर में जिला प्रशासन और Indian Red Cross Society की जिला शाखा द्वारा “प्रोजेक्ट सुरक्षा” के तहत जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में 47 रोजगार सहायकों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट के सही उपयोग और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता देकर लोगों की जान बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

प्रशिक्षण का संचालन रेड क्रॉस सोसाइटी के सहायक प्रबंधक देवप्रकाश कुर्रे ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य आपातकाल में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर और सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो गंभीर स्थिति में भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सीपीआर की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को इसकी सही तकनीक समझाई।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति की सांस रुक जाए या दिल की धड़कन बंद हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सीपीआर देना चाहिए। समय पर की गई यह प्रक्रिया हृदय की गतिविधि को दोबारा शुरू करने में मदद कर सकती है और मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक जीवन बचाने में सहायक होती है।

जिला प्रशासन ने इस पहल को जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि शासकीय कर्मचारी और आम नागरिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहें।

कार्यक्रम में युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के जोखिम कारकों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू का सेवन हृदय रोग का प्रमुख कारण है। 30 से 44 वर्ष आयु वर्ग में करीब 26 प्रतिशत हृदय संबंधी समस्याएं तंबाकू सेवन से जुड़ी हैं। इसके अलावा खराब नींद, तनाव और अनियमित जीवनशैली भी हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है।

भारत में बढ़ते डायबिटीज के मामलों को भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण बताया गया। देश में 70 मिलियन से अधिक लोग मधुमेह से प्रभावित हैं, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है। इससे हृदय रोग का खतरा और बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। नियमित वॉकिंग, साइकिलिंग, जॉगिंग और स्विमिंग से हृदय रोग का जोखिम लगभग 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। संतुलित आहार, जंक फूड से परहेज, नियमित स्वास्थ्य जांच, योग और व्यायाम को स्वस्थ दिल के लिए आवश्यक बताया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और आपात स्थिति में सही कदम उठाने का संदेश दिया।

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Author: Khabri Chai

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