
रायपुर में 23 जनवरी 2026 को एक भव्य साहित्य उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति और मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को लेकर उपस्थित रहे। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया गया है। साहित्य उत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना और लेखकों, कवियों, और साहित्य प्रेमियों को एक मंच पर लाना है।
राज्यसभा उपसभापति ने उद्घाटन समारोह में कहा कि लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते, बल्कि समाज में परिवर्तन लाने की शक्ति भी रखते हैं। उनका कहना था कि साहित्य का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है और यह युवा पीढ़ी को संवेदनशील और जागरूक बनाने का काम करता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में साहित्य और कला को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस उत्सव में देशभर से लगभग 120 लेखक, कवि और साहित्यिक हस्तियाँ भाग ले रही हैं। विभिन्न सत्रों में कवि सम्मेलन, पुस्तक विमोचन, साहित्यिक चर्चाएँ और कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक हैं।
साहित्य उत्सव में उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की भव्यता और आयोजन की उत्कृष्टता की प्रशंसा की। कार्यक्रम का आयोजन इस तरह किया गया कि लोग व्यक्तिगत रूप से और ऑनलाइन माध्यम से भी इसमें शामिल हो सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के साहित्य उत्सव राज्य में संस्कृति, भाषा और कला को जीवित रखने के साथ-साथ युवाओं में रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करते हैं। आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम से साहित्य प्रेमियों और आम जनता के बीच एक सकारात्मक और ज्ञानवर्धक संवाद स्थापित होगा।
Author: Khabri Chai
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