
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे करीब 60 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, उन्हें चौथे चरण (फोर्थ स्टेज) का लिवर कैंसर था और पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।
खानचंद सिंह को पहले अलीगढ़ में उपचार दिया जा रहा था, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के करीब 4:36 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

पिता के निधन की सूचना मिलने पर रिंकू सिंह तुरंत अपने घर पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए। उन्होंने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जबकि अंतिम संस्कार की रस्में परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में पूरी की गईं। बताया गया कि उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
रिंकू सिंह का अपने पिता से विशेष लगाव रहा है। साधारण परिवार से आने वाले रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता के संघर्ष और समर्थन को महत्वपूर्ण माना जाता है। खानचंद सिंह ने कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण किया और अपने बेटे को क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। रिंकू सिंह कई मौकों पर अपने पिता के योगदान का सार्वजनिक रूप से उल्लेख कर चुके हैं।
खानचंद सिंह के निधन से खेल जगत और रिंकू सिंह के प्रशंसकों में भी शोक व्यक्त किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले और खेल प्रेमी परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।
पिता के निधन से रिंकू सिंह और उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। परिवार ने लोगों से इस कठिन समय में सहयोग और प्रार्थना की अपील की है। फिलहाल परिवार शोक में डूबा हुआ है और अंतिम संस्कार के बाद श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
Author: Khabri Chai
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