
रायपुर/नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026 —
सार्वजनिक विवाद के बीच व्हाट्सएप (WhatsApp) ने स्पष्ट किया है कि उसके एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) की सुरक्षा अब भी लागू है और कोई भी—Meta या कर्मचारी—प्राइवेट चैट्स तक नहीं पहुँच सकता। कंपनी ने यह बयान 30 जनवरी को X (पूर्व ट्विटर) पर जारी किया, जिसमें उसने हाल में वायरल हुए आरोपों को “गलत और तकनीकी रूप से असंभव” बताया।
व्हाट्सएप के बयान के अनुसार यूज़र संदेश Signal प्रोटोकॉल के तहत एन्क्रिप्टेड रहते हैं, जो संदेशों को केवल भेजने और प्राप्त करने वाले के डिवाइस तक सीमित करता है। कंपनी ने कहा कि आरोप जिसमें कहा जा रहा है कि Meta या उसके ठेकेदार इन चैट्स को पढ़ सकते हैं, वे “बिना सबूत” हैं और इसे U.S. Bureau of Industry and Security (BIS) ने भी अस्वीकृत बताया है।
यह विवाद उन दावों के बाद शुरू हुआ जब कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह कहा गया कि पूर्व Meta ठेकेदारों ने संकेत दिया कि व्हाट्सएप कर्मियों को चैट्स तक पहुंच प्राप्त थी और अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। इन दावों ने गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी।

व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि इसके एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का अर्थ वही है जो वह हमेशा कहता आया है — संदेश भेजने के बाद उनके कंटेंट को Meta या कोई तीसरा पक्ष नहीं पढ़ सकता। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “यह दावा कि लोग व्हाट्सएप संदेश नहीं एन्क्रिप्ट हैं, पूरी तरह से गलत और बेतुका है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीकी रूप से यह सुनिश्चित करता है कि संदेश केवल प्राप्तकर्ता के डिवाइस पर डिक्रिप्ट होते हैं, जिससे सेवा प्रदाता को कोई पढ़ने की क्षमता नहीं मिलती। हालांकि, वे यह भी कहते हैं कि अनएन्क्रिप्टेड क्लाउड बैकअप, डिवाइस सुरक्षा, और मेटाडाटा जैसे अन्य पहलू प्राइवेसी को प्रभावित कर सकते हैं, पर वे सीधे तौर पर चैट कंटेंट तक पहुँच की पुष्टि नहीं करते।
इस बयान के साथ ही व्हाट्सएप ने यह भी दोहराया कि वह यूज़र प्राइवेसी के प्रति प्रतिबद्ध है और उसकी तकनीक की आधारशिला वर्षों से Signal प्रोटोकॉल पर आधारित रही है। कंपनी ने कहा कि किसी भी ऐसे दावे के बावजूद, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अभी भी सुरक्षित और प्रभावी है।
Author: Khabri Chai
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