शराब घोटाला मामला: एक साल बाद जेल से रिहा हुए कवासी लखमा, बुधवार 4 फरवरी 2026 को समर्थकों ने किया भव्य स्वागत, सड़कों पर लगा जाम

रायपुर/जगदलपुर, 4 फरवरी 2026 (बुधवार)

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा करीब एक वर्ष बाद बुधवार, 4 फरवरी 2026 को जेल से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद लखमा को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। उनकी रिहाई की खबर फैलते ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई।

जेल से बाहर आने के बाद जैसे ही कवासी लखमा अपने गृह क्षेत्र बस्तर की ओर रवाना हुए, बड़ी संख्या में समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच निकाले गए जुलूस के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित हो गया और मुख्य सड़कों पर लंबा जाम देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।

मीडिया से बातचीत करते हुए कवासी लखमा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा,
“मैं इस फैसले के लिए डिप्टी सीएम साव का धन्यवाद करता हूं। मुझे विश्वास था कि सच्चाई सामने आएगी।”
उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया, जो कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे।

गौरतलब है कि कवासी लखमा को राज्य के कथित शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि आबकारी विभाग में अनियमितताओं और अवैध लेन-देन के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लंबे समय से गरमाई हुई थी। कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था, जबकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करार देता रहा।

लखमा की रिहाई को कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और बस्तर क्षेत्र की राजनीति पर इसके असर की चर्चा शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह रिहाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत हुई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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Author: Khabri Chai

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