रायपुर, 23 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर ठोस पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में राज्य के दूरस्थ अंचलों तक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिले में 20 से 22 फरवरी तक तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

शिविर का आयोजन सुकमा स्थित शबरी ऑडिटोरियम में किया गया, जहाँ कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों का पूर्व चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक उपकरण मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। यह आयोजन केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
शिविर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के विशेषज्ञों ने आधुनिक “जयपुर फुट”, कृत्रिम हाथ और कृत्रिम पैर तैयार कर वितरित किए। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई लाभार्थियों को जब नए कृत्रिम अंग मिले, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई उम्मीद झलक उठी। इसके अतिरिक्त ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, सफेद छड़ी, स्टिक और बैसाखी जैसे सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए। जिन हितग्राहियों को आर्टिफिशियल कैलिपर्स की आवश्यकता थी, उनके माप लेकर शीघ्र वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता के अनुसार, शिविर के दौरान 213 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन भी प्राप्त किए गए, ताकि वे राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। प्रमाण-पत्र उपलब्ध होने से पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार एवं कौशल विकास जैसी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य का कोई भी नागरिक शारीरिक अक्षमता के कारण अवसरों से वंचित नहीं रहेगा। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया है। सुकमा का यह शिविर राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण अभियान की सशक्त कड़ी के रूप में उभरा है।
Author: Khabri Chai
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