
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया। अदालत में उनकी पेशी लगभग 20 मिनट तक चली, जिसके बाद वे कोर्ट परिसर से बाहर निकल गए।
जानकारी के अनुसार, अदालत ने राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने के लिए यह तिथि अंतिम अवसर के रूप में निर्धारित की थी। इससे पहले वे कई सुनवाई की तारीखों पर उपस्थित नहीं हुए थे। पिछली सुनवाई 19 जनवरी को उनकी अनुपस्थिति पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राहुल गांधी अदालत पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता व सांसद प्रमोद तिवारी सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता उनके समर्थन में मौजूद रहे।

दरअसल, यह मामला कर्नाटक में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी को लेकर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई सुल्तानपुर की अदालत में चल रही है।
इस मामले में राहुल गांधी इससे पहले 26 जुलाई 2024 को अदालत में पेश हुए थे, लेकिन उसके बाद निर्धारित कई तिथियों पर वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें अंतिम अवसर प्रदान किया था।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मानहानि से जुड़े मामलों में अदालत द्वारा आरोपी का बयान दर्ज किया जाना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। अब अदालत में आगे की सुनवाई में प्रस्तुत साक्ष्यों और पक्षों की दलीलों के आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल, राहुल गांधी द्वारा बयान दर्ज कराए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
Author: Khabri Chai
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