रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर संभाग के कई जिलों में 25 सितंबर को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। उपलब्ध प्रशासनिक आदेशों के अनुसार बस्तर, बीजापुर और सुकमा में 25 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय लगातार बारिश, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और आवागमन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लिया गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की संभावना जताई है।
बीजापुर में सभी स्कूल बंद, परीक्षाओं की तारीख बदली
बीजापुर जिले में 25 सितंबर को प्राथमिक, मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर के स्कूल बंद रहेंगे। प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
स्कूल बंद रहने के कारण 25 सितंबर को निर्धारित त्रैमासिक परीक्षाओं के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। उपलब्ध आदेश के मुताबिक मिडिल और माध्यमिक स्तर की परीक्षा अब 28 सितंबर 2026 को उसी समय पर आयोजित होगी।
वहीं हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर की 25 सितंबर को होने वाली त्रैमासिक परीक्षा अब 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
बस्तर में भी 25 सितंबर को स्कूलों में छुट्टी
बस्तर जिले में भी लगातार बारिश को देखते हुए 25 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को निर्णय का आधार बताया गया है। बस्तर में 25 सितंबर को प्रस्तावित त्रैमासिक परीक्षा के संबंध में अलग से निर्देश जारी किए जाने की बात कही गई है। परीक्षा की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
सुकमा में भी स्कूल बंद
सुकमा जिले में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।
इसी स्थिति को देखते हुए सुकमा में भी 25 सितंबर को स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी
IMD के 24 सितंबर के अपडेट के अनुसार 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में Extremely Heavy Rain की चेतावनी जारी की गई थी। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम की यह स्थिति खासतौर पर दक्षिणी छत्तीसगढ़ में प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा रही है। बारिश के कारण सड़क संपर्क, नदी-नालों का आवागमन और निचले इलाकों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
ओडिशा के मौसम सिस्टम का भी असर
मौसम में आए बदलाव का संबंध बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और उसके प्रभाव से जोड़ा जा रहा है। ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
बस्तर संभाग ओडिशा से सटा हुआ है, ऐसे में वहां सक्रिय मौसम प्रणाली का असर दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
स्कूलों में अवकाश का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान विद्यार्थियों को आवागमन के जोखिम से बचाना है। ग्रामीण और वन क्षेत्रों में नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने से स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों के सामने अतिरिक्त खतरा पैदा हो सकता है।
इसी वजह से जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जलस्तर तथा आवागमन की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के दौरान अभिभावकों को बच्चों को उफनते नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना भी जरूरी है।
नोट: 25 सितंबर को स्कूल बंदी और परीक्षा स्थगन की व्यवस्था संबंधित जिलों के जारी प्रशासनिक/शिक्षा विभागीय आदेशों के अनुसार है। मौसम की स्थिति बदलने पर स्थानीय प्रशासन द्वारा नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
Author: Khabri Chai
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