CG News: कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती पर राज्यपाल ने लगाई रोक, मंत्री रामविचार नेताम बोले- ‘दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए’

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा में भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्यपाल सचिवालय ने शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति और इंटरव्यू की प्रक्रिया को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। विश्वविद्यालय में भर्ती और भवन निर्माण एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई सामने आई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक विश्वविद्यालय में करीब 130 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के दौरे पर पहुंचे कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने राज्यपाल के इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया और निर्माण कार्यों को लेकर पहले से शिकायतें सामने आती रही हैं और इन मुद्दों को विधानसभा तथा शासन स्तर पर भी उठाया गया है।

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भर्ती पर रोक का मंत्री ने किया स्वागत

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके मुताबिक राज्यपाल ने शासन का पक्ष, संबंधित लोगों की बातें और कार्यपरिषद के निवेदन को सुनने के बाद परिस्थितियों को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

नेताम ने कहा कि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आनी चाहिए और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने इसे स्वागत योग्य कदम बताया।

राजभवन की कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर चल रही भर्ती, नियुक्ति और साक्षात्कार से संबंधित पूरी प्रक्रिया को आगामी आदेश तक स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।

किन शिकायतों को लेकर उठे सवाल?

कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले से कई शिकायतें सामने आने की जानकारी है। इनमें आरक्षण एवं रोस्टर निर्धारण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति, वेतन संरक्षण और विभागवार पदों के निर्धारण जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा शिकायतों में कार्यकारिणी परिषद की मंजूरी के बिना भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों के लिए विज्ञापन जारी करने के आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक कृषि मंत्री रामविचार नेताम की नोटशीट में शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे।

राजभवन ने जांच की प्रगति पर भी नजर रखने के दिए निर्देश

राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी आदेश में केवल भर्ती प्रक्रिया को रोकने की बात नहीं कही गई है। विश्वविद्यालय में भवन निर्माण और रखरखाव से जुड़े कार्यों में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों का भी संज्ञान लिया गया है।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय में चल रही जांच की प्रगति के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

इससे अब विश्वविद्यालय से जुड़े भर्ती और निर्माण कार्यों पर चल रही जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही शिकायतों में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

विधानसभा में भी उठ चुका है विश्वविद्यालय का मामला

कामधेनु विश्वविद्यालय से जुड़े दूसरे प्रशासनिक मामलों को लेकर भी इस साल विधानसभा में सवाल उठ चुके हैं। जुलाई 2026 में विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीद का मुद्दा विधानसभा में उठा था। उस समय कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा था कि संबंधित उपकरणों की खरीद निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई थी और क्रय समिति में तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।

वहीं वर्तमान भर्ती विवाद में भी जनप्रतिनिधियों और कार्यपरिषद से जुड़े सदस्यों की शिकायतों के बाद मामला राज्यपाल सचिवालय तक पहुंचा।

मनेन्द्रगढ़ में अचानक छात्रावास पहुंचे मंत्री

इधर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे के दौरान मंत्री रामविचार नेताम अचानक प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास पहुंचे। यहां उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत कर भोजन, आवास, पढ़ाई और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

मंत्री ने छात्राओं को शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री और छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए छात्राओं से सीधे फीडबैक लिया।

सिद्धबाबा धाम में पूजा-अर्चना, सड़क निर्माण पर चर्चा

देर शाम रामविचार नेताम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ प्रसिद्ध सिद्धबाबा धाम पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहां चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।

इस दौरान मंदिर तक सड़क निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क निर्माण की दिशा में पहल का भरोसा दिलाया।

मनेन्द्रगढ़ पहुंची बाइक यात्रा

मंत्री के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही बाइक यात्रा भी मनेन्द्रगढ़ पहुंची। गुजरात के वडनगर से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न राज्यों से होकर वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम की ओर जा रही है।

घुटरीटोला में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने बाइक राइडर्स का स्वागत किया। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने बाइक चलाकर यात्रा में शामिल युवाओं के साथ मनेन्द्रगढ़ तक सफर किया।

17 सितंबर से जारी है यात्रा

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया के अनुसार यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूरी होने के अवसर पर निकाली जा रही है। उनके मुताबिक वडनगर और वाराणसी से शुरू हुई यात्राएं देश के अलग-अलग राज्यों से होकर आगे बढ़ रही हैं।

यात्रा के दौरान केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से मुलाकात कर उनके अनुभवों और उपलब्धियों की जानकारी लेने की बात भी आयोजकों की ओर से कही गई है।

आयोजकों के अनुसार छत्तीसगढ़ में ऐसी चार यात्राओं के पहुंचने का कार्यक्रम है। इनमें से दो यात्राएं प्रदेश से होकर झारखंड और बिहार की ओर जाएंगी। यात्राओं का मार्ग करीब 18 जिलों से होकर निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रत्येक यात्रा में लगभग 75 से 80 लोगों की टीम शामिल है।

हितग्राहियों को बांटे गए प्रमाण पत्र

मनेन्द्रगढ़ में यात्रा के रात्रि विश्राम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।

प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने इस दौरान वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए यात्रा को सार्वजनिक सेवा और विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

इमेज आइडिया

16:9 रियलिस्टिक न्यूज़ फोटो: दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के प्रशासनिक भवन का दृश्य, सामने विश्वविद्यालय परिसर और भर्ती प्रक्रिया पर रोक से जुड़ा गंभीर प्रशासनिक माहौल; फ्रेम के एक हिस्से में फाइल/आदेश देखते अधिकारी और दूसरे हिस्से में विश्वविद्यालय की इमारत का विजुअल। वैकल्पिक संयुक्त विजुअल में रामविचार नेताम का मनेन्द्रगढ़ दौरा और छात्रावास में छात्राओं से बातचीत दिखाई जा सकती है। कोई टेक्स्ट, लोगो या वॉटरमार्क नहीं।

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Author: Khabri Chai

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