रायपुर। नवरात्र से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को विभागीय टीम ने शहर के तीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मोतीबाग चौक स्थित घनश्याम प्रोविजन स्टोर में फफूंद लगी और उपयोग की अंतिम तिथि पार कर चुकी बड़ी मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर ही 10 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई। इसके अलावा मैदा और सूजी जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखी गई। अन्य दुकानों से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
घनश्याम प्रोविजन स्टोर में मिली फफूंद लगी बड़ी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मोतीबाग चौक स्थित घनश्याम प्रोविजन स्टोर की जांच के दौरान सात किलो राखिया बड़ी और तीन किलो मूंग बड़ी मिली। दोनों खाद्य पदार्थों पर फफूंद लगी हुई थी और उनकी उपयोग की अंतिम तिथि भी निकल चुकी थी।
खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने कुल 10 किलो बड़ी को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसी प्रतिष्ठान से 18 किलो मैदा और 27.5 किलो सूजी भी जब्त की गई। इन खाद्य पदार्थों को विभाग ने सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया है। जांच के दौरान मैदा और सूजी के विधिक नमूने भी लिए गए हैं, जिनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
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शुभम मार्ट और विशाल मेगा मार्ट में भी जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान के तहत शुभम मार्ट और डूमरतराई स्थित विशाल मेगा मार्ट का भी निरीक्षण किया।
- शुभम मार्ट: बेसन और आटे के नमूने लिए गए।
- विशाल मेगा मार्ट, डूमरतराई: फर्स्ट क्राप ब्रांड की सूजी और साबूदाना के नमूने एकत्र किए गए।
इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
लैब रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
जिला अभिहित अधिकारी विनोद गुप्ता के अनुसार, जांच के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण और सुरक्षित उपयोग की अवधि पर निगरानी रखना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से त्योहारों के समय बाजार में खाद्य सामग्री की खरीद-बिक्री बढ़ने के कारण दुकानों में रखे सामान की जांच जरूरी हो जाती है।
नवरात्र में व्रत सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष नजर
नवरात्र के दौरान बड़ी, साबूदाना, सूजी, आटा और अन्य व्रत सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की सही स्थिति और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना जरूरी है। फफूंद लगी या उपयोग की अंतिम तिथि पार कर चुकी सामग्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दुकानों का निरीक्षण कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग की ओर से अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रखने की बात कही गई है।
त्योहारों में दूध, मिठाई और दुग्ध उत्पादों की जांच भी अहम
त्योहारी सीजन में दूध, दही, मावा, पनीर, घी, मिठाई, नमकीन और खाद्य तेल की खपत भी बढ़ जाती है। इन उत्पादों की गुणवत्ता की नियमित जांच उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हालांकि, रायपुर में सोमवार को हुई कार्रवाई में मुख्य रूप से बड़ी, मैदा, सूजी, बेसन, आटा और साबूदाना की जांच की गई। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
फिलहाल रायपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से त्योहारी बाजार में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ी है। उपभोक्ताओं को भी सामान खरीदते समय पैकेट पर लिखी उपयोग की अंतिम तिथि, पैकिंग की स्थिति और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
Author: Khabri Chai
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