रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती के तहत रिक्त 2300 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और सरकार इसकी निश्चित तारीख घोषित करे।

अभ्यर्थियों के इस प्रदर्शन से राजधानी में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे।
321 दिनों से जारी है आंदोलन
डीएड अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे पिछले 321 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लंबे समय से प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी के चलते उन्होंने अब शिक्षा मंत्री के बंगले पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति को लेकर स्पष्ट तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक उनकी मांग अधूरी रहेगी। उनका आरोप है कि लगातार आंदोलन के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
प्रशासन ने हटाया, बसों से ले जाने की दी जानकारी
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बंगले पहुंचे। आरंग एसडीएम रवि सिंह के अनुसार, अभ्यर्थी नियमों के विरुद्ध शिक्षा मंत्री के बंगले पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें वहां से हटाया गया। एसडीएम ने बताया कि अभ्यर्थियों को बसों के माध्यम से रायपुर ले जाया जा रहा है और आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बंगले में मौजूद नहीं थे। ऐसे में अभ्यर्थियों को उनसे सीधे मुलाकात नहीं हो सकी।
2023 की भर्ती से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, यह विवाद वर्ष 2023 में हुई सहायक शिक्षक भर्ती से संबंधित है। डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि बीएड अभ्यर्थियों की नियुक्तियां निरस्त होने के बाद रिक्त हुए पदों पर पात्र डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
अभ्यर्थियों का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। वे न्यायालय के आदेशों का पालन कराने और रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
कैंडल मार्च से दंडवत यात्रा तक कर चुके हैं प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर डीएड अभ्यर्थी अब तक कई तरह से विरोध दर्ज करा चुके हैं। इनमें ज्ञापन सौंपना, कैंडल मार्च, मौन धरना, दंडवत यात्रा और सांकेतिक प्रदर्शन शामिल हैं। इसके बावजूद नियुक्ति को लेकर स्पष्ट समय-सीमा सामने नहीं आने से अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अब देखना होगा कि सरकार अभ्यर्थियों की मांग पर क्या निर्णय लेती है और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को नियुक्ति को लेकर कब तक स्पष्ट जवाब मिलता है।
Author: Khabri Chai
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