वरिष्ठ समाजसेवी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पिता श्री रामजीलाल अग्रवाल का 96 वर्ष की आयु में निधन, 25 मई को निकलेगी अंतिम यात्रा

रायपुर: छत्तीसगढ़ की गौसेवा और समाजसेवा परंपरा के प्रमुख स्तंभ श्री रामजीलाल अग्रवाल अब हमारे बीच नहीं रहे। 96 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। वे महावीर गौशाला के संचालक, अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक और एक सर्वमान्य समाजसेवी थे। उनके निधन से रायपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

गौ सेवा को बना लिया जीवन का ध्येय
श्री अग्रवाल ने गौ सेवा को केवल कर्म नहीं, बल्कि धर्म और जीवन का उद्देश्य मान लिया था। वे राज्य की सबसे बड़ी गौशाला ‘महावीर गौशाला’ के संचालक बने और अपनी दिनचर्या का मुख्य हिस्सा गौमाता की सेवा को बना लिया। उनका मानना था कि गौ सेवा किसी भी धार्मिक कार्य से कम नहीं है, बल्कि यह जीवन को शुद्ध और उद्देश्यपूर्ण बनाती है।

हर वर्ग से जोड़ा, अमीर-गरीब का भेद नहीं किया
रामजीलाल अग्रवाल ने अपने जीवन में अमीर-गरीब, ऊँच-नीच जैसी सीमाओं को सिरे से नकार दिया। वे सभी समाजों के साथ समन्वय बनाकर चलने वाले व्यक्तित्व थे। सामाजिक कार्यों के वे सच्चे सिपाही थे, जिन्होंने बिना भेदभाव के हर वर्ग से आत्मीय संबंध बनाए।

राजनीति और सत्ता से रहे दूर, फिर भी सभी के प्रिय
उन्होंने हमेशा राजनीति से दूरी बनाए रखी, जबकि उनके पुत्र बृजमोहन अग्रवाल सक्रिय राजनीति में हैं और वर्तमान में रायपुर सांसद हैं । श्री अग्रवाल सभी राजनीतिक दलों के नेताओं में समान रूप से प्रिय थे। उन्होंने कभी किसी से राजनीतिक मतभेद नहीं रखा। सत्ता में हो या विपक्ष में—हर कोई उनके प्रति समान श्रद्धा रखता था।

जीवन दर्शन: धन से नहीं, मन से मूल्यवान बनो
संघर्षों और साधनों की सीमाओं के बावजूद, वे हमेशा सहज, सरल और नेकदिल रहे। उन्होंने ‘धन से नहीं, मन से मूल्यवान’ बनने की भावना से जीवन जिया और समाज के हर वर्ग में अपनी विशेष जगह बनाई।

“शहर में गाँव जैसे, धूप में छाँव जैसे”
सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन अग्रवाल ने कहा, “मैंने रामजीलाल जी में हमेशा सुकून और शांति देखी। वे धूप में छाँव जैसे, शहर में गाँव जैसे थे। वे उन विरले लोगों में से थे जो सच में खुद से ज्यादा समाज के लिए जीते हैं। छोटे-बड़े सभी से उनका प्रेम और स्नेह अद्भुत था।”

परिवार के लिए बने प्रेरणास्त्रोत
उन्होंने अपने परिवार को ऐसे मूल्यों से जोड़ा कि वे खुद एक जीवित आदर्श बन गए। उनके जीवन की दिशा और सिद्धांत आज भी उनके परिवार के लिए प्रेरणा हैं।

अंतिम यात्रा की सूचना
श्री रामजीलाल अग्रवाल जी की अंतिम यात्रा रविवार 25 मई 2025 को प्रातः 10 बजे उनके निवास स्थान रामजी वाटिका, मौलश्री विहार, रायपुर से निकलेगी और मारवाड़ी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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