Khabri Chai Desk : छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार ने बस्तर में सुरक्षाबलों की तैनाती और माओवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कर्रेगुटा पहाड़ी पर जंगल वार फेयर स्कूल और सीआरपीएफ का कैंप स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले की पुष्टि गृहमंत्री विजय शर्मा ने की है।

कर्रेगुटा पहाड़ी लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ मानी जाती है। दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरे इस इलाके में बड़े माओवादी नेताओं की आवाजाही होती रही है। यहां कई बार पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ भी हो चुके हैं। लेकिन अब सरकार ने इस क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की योजना तैयार कर ली है।
Also Read : https://khabrichai.com/raipur-vehicle-owner-arrested-cow-smuggling/ रायपुर का वाहन मालिक ओडिशा से गिरफ्तार, गाय तस्करी में शामिल
जानकारी के अनुसार, लगभग 700 एकड़ जमीन पर जंगल वार फेयर स्कूल की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप और सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक जमीन का आवंटन भी किया जा चुका है। राज्य वन्य जीव कल्याण बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
सिर्फ कैंप ही नहीं, बल्कि यहां तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 5.5 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क भी बनाई जाएगी। इसके लिए भी सरकार ने जमीन अलॉट कर दी है। इस फैसले से सुरक्षा बलों की आवाजाही और ऑपरेशन में तेजी आएगी।
सबसे पहले छत्तीसगढ़ के समाचार जानने के लिए जुड़े हमारे What’App Group से : https://chat.whatsapp.com/BQBiZ96FZmA30lvDjaFqta।
सरकार का मानना है कि इस कदम से नक्सलियों की जड़ें हिल जाएंगी और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। जंगल वार फेयर स्कूल और सीआरपीएफ कैंप खुलने के बाद कर्रेगुटा इलाका नक्सलियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं रह पाएगा।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





