
नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026
देश में बढ़ते साइबर अपराधों और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने आज “Operation CyStrike” नाम से एक बड़े और सुनियोजित अभियान की शुरुआत की है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य भारत और विदेशों में सक्रिय उन साइबर अपराधी गिरोहों को ध्वस्त करना है, जो ऑनलाइन ठगी, फाइनेंशियल फ्रॉड और डिजिटल स्कैम के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
CBI के इस मेगा ऑपरेशन की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका की FBI, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की जांच एजेंसियां भी सहयोग कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालमेल के साथ चलाए जा रहे इस अभियान को साइबर क्राइम के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये साइबर गिरोह कॉल सेंटर फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन जॉब स्कैम, बैंकिंग फ्रॉड और डिजिटल पेमेंट के जरिए ठगी को अंजाम दे रहे थे। खासतौर पर विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों और एनआरआई को इन ठगों द्वारा निशाना बनाया जा रहा था।
CBI अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन साइस्ट्राइक” के तहत संदिग्ध डिजिटल ट्रांजैक्शन, फर्जी वेबसाइट्स, मोबाइल ऐप्स और कॉल नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। कई ठिकानों पर छापेमारी और डिजिटल सबूतों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन के तहत बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान न केवल साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ेगा, बल्कि आम नागरिकों के बीच डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ाएगा। सरकार की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
CBI ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें और तुरंत संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दें।
Author: Khabri Chai
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