
आज से आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का आगाज़ हो रहा है। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया अपने खिताब की रक्षा के अभियान की शुरुआत कर रही है। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक कोई भी टीम लगातार दूसरी बार खिताब नहीं जीत सकी है, ऐसे में भारतीय टीम के सामने रिकॉर्ड बनाने की चुनौती होगी।
भारत का पहला मुकाबला अमेरिका से निर्धारित है। अमेरिका की टीम को कमजोर आंकना सही नहीं होगा, क्योंकि पिछले वर्ल्ड कप में उसने भारत के खिलाफ कड़ा मुकाबला पेश किया था। उस मैच में भारतीय टीम को जीत के लिए अंत तक संघर्ष करना पड़ा था और अमेरिकी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में दबाव बनाया था।
अमेरिकी टीम की संरचना अन्य टीमों से अलग है। टीम के अधिकतर खिलाड़ी अमेरिका में बस चुके प्रवासी क्रिकेटरों की पृष्ठभूमि से आते हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट खेलने का अनुभव है। यही कारण है कि अमेरिका की टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है।

इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों के लिए सबसे अहम चुनौती बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रावलकर होंगे। नेत्रावलकर ने पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ प्रभावशाली गेंदबाजी की थी और पावरप्ले के दौरान भारतीय शीर्ष क्रम के अहम बल्लेबाजों को आउट किया था। नई गेंद से उनकी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकती है।
भारतीय टीम की ताकत उसका संतुलित संयोजन और बड़े मैचों का अनुभव रहा है। टीम का फोकस मजबूत शुरुआत, बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखने और डेथ ओवर्स में प्रभावी प्रदर्शन पर रहेगा। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम की कोशिश शुरुआती विकेट लेकर अमेरिका पर दबाव बनाने की होगी।
टी-20 वर्ल्ड कप का यह मुकाबला भारत के लिए सिर्फ टूर्नामेंट की शुरुआत नहीं, बल्कि खिताब बचाने की दिशा में पहला कदम है। वहीं अमेरिका की नजरें एक बार फिर बड़ा उलटफेर करने पर होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मैच टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में खास अहमियत रखता है।
Author: Khabri Chai
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