
रायपुर।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेरा अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने 14 बैंकों को अंतिम रूप से अपने पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है।
रेरा द्वारा इससे पहले 03 अप्रैल 2025 को कुल 17 बैंकों को अस्थायी पैनल (प्रोविजनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया गया था। इसके बाद निर्धारित प्रक्रियाओं, आवश्यक शर्तों और तकनीकी व वित्तीय मापदंडों की गहन जांच की गई। सभी मानकों पर खरे उतरने के बाद अब 14 बैंकों को अंतिम पैनल में सम्मिलित किया गया है, जबकि शेष बैंक आवश्यक शर्तों की पूर्ति नहीं कर सके।
अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में खोले और संचालित किए जाएं, जो रेरा के नियमों और दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हों। इससे परियोजनाओं से प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और राशि का उपयोग केवल निर्माण व विकास कार्यों में ही सुनिश्चित होगा।
छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष श्री संजय शुक्ला ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अंतिम पैनल में शामिल बैंकों के माध्यम से परियोजना खातों की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी, जिससे घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।
रेरा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए इस प्रकार की सुधारात्मक पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल निवेशकों और घर खरीदारों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ का रियल एस्टेट बाजार भी अधिक संगठित और जिम्मेदार बनेगा।
Author: Khabri Chai
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