
रायगढ़, 07 फरवरी 2026:
राज्य शासन और जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत रायगढ़ जिले की सभी 550 ग्राम पंचायतों में आज ‘रोजगार सह आवास दिवस’ का व्यापक आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम ने ग्रामीण विकास को डिजिटल तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के माध्यम से सीधे नागरिकों तक पहुँचाया।
कार्यक्रम में 9,000 से अधिक ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। ग्रामीणों ने QR कोड स्कैन करके अपने मोबाइल पर अपने गांव के पिछले पांच वर्षों के विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस डिजिटल रिपोर्ट में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना सहित अन्य विकास परियोजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध रही।
आयोजन के दौरान ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि डबरी के माध्यम से जल संरक्षण, कृषि सिंचाई और मछली पालन जैसे आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। इसी क्रम में सभी ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए विशेष पम्पलेट वितरण किया गया।
‘रोजगार सह आवास दिवस’ के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा से जुड़े मुद्दों का भी मौके पर समाधान किया गया। इसमें आवास निर्माण की किस्तों का भुगतान, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी का समन्वय, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल थे। ग्रामीणों को बताया गया कि आवास की समयबद्ध पूर्णता के लिए मनरेगा मजदूरी का भुगतान उनका अधिकार है, जिसे प्रशासन पूरी तरह सुनिश्चित करेगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत पठारे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य आवास, रोजगार और आजीविका को समन्वित मॉडल में जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पक्के आवास, आजीविका डबरी और वीबी जी राम जी के माध्यम से ग्रामीणों को स्थायी रोजगार और आजीविका सुनिश्चित की जा रही है। यह मॉडल रायगढ़ जिले को डिजिटल, आत्मनिर्भर और सशक्त ग्रामीण विकास की दिशा में नई पहचान दिला रहा है।
Author: Khabri Chai
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