
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत कलेक्टर ने स्वयं फाइलेरिया-रोधी दवा का सेवन कर की। कलेक्टर के इस कदम का उद्देश्य आम लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक करना और अभियान को प्रभावी बनाना है। वहीं समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान के तहत जिले में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए लोगों को दवा खिलाई जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में दवा खाकर यह संदेश दिया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे बीमारी की रोकथाम संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब घर-घर दवा वितरण के लिए पहुंचे, तो दवा का सेवन अवश्य करें।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसे सामूहिक प्रयास से खत्म किया जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और अधिक से अधिक लोगों तक दवा पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में राजस्व विभाग के लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आम जनता को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। लंबित मामलों को जल्द निपटाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
प्रशासन का कहना है कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान और राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा अभियान की लगातार निगरानी की जाएगी और तय समय सीमा में सभी कार्य पूरे करने पर जोर दिया गया है।
Author: Khabri Chai
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