दुर्ग में भाई की हत्या का फैसला: आरोपी को उम्रकैद, शव डबरी में फेंककर मिटाए थे सबूत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया था, जिसमें अपने ही छोटे भाई की हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश दुर्ग की अदालत ने आरोपी दीपक राजपूत (30) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (साक्ष्य मिटाने का प्रयास) के तहत दोषी ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 17 सितंबर 2023 की रात करीब 8:45 बजे की है। आरोपी और उसके छोटे भाई सन्नी उर्फ नेपाली राजपूत के बीच अक्सर घरेलू बातों को लेकर विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन दोनों भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर दीपक ने लकड़ी की पटिया से सन्नी के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सन्नी की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने की कोशिश की। उसने शव को गमछा, नायलॉन और लाल कपड़े की रस्सी से बांधा तथा पत्थर बांधकर स्टेशन रोड मरौदा स्थित डबरी में फेंक दिया, ताकि घटना के सबूत नष्ट किए जा सकें।

घटना के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी को भी जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे भयभीत होकर वह अपने मायके चली गई। अगले दिन उसने अपनी मां के साथ थाना नेवई पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।

मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती लक्ष्मी साहू ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने जानबूझकर हत्या की और बाद में साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया, जो गंभीर और जघन्य अपराध है।

कोर्ट ने दीपक राजपूत को धारा 302 के तहत उम्रकैद और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 201 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने सजा वारंट जारी कर आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने के निर्देश दिए।

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Author: Khabri Chai

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