टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को 93 रन से हराकर टूर्नामेंट इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में दमदार खेल दिखाया। साथ ही मैच में कई व्यक्तिगत और टीम रिकॉर्ड भी बने।

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत आक्रामक रही और ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। यह टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए संयुक्त रूप से पांचवीं सबसे तेज फिफ्टी रही। उन्होंने पावरप्ले के भीतर ही अपना अर्धशतक पूरा कर रोहित शर्मा और केएल राहुल की सूची में जगह बना ली।

मध्यक्रम में हार्दिक पंड्या ने भी शानदार प्रदर्शन किया और मैच के दौरान 109 मीटर लंबा गगनचुंबी छक्का लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का 47वां 200+ स्कोर रहा, जो किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका (29) और न्यूजीलैंड (28) काफी पीछे हैं।
210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की शुरुआत खराब रही और पूरी टीम 18.2 ओवर में 116 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को संभलने का मौका नहीं दिया।

इस मैच में संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वे टी-20 वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने। डेब्यू के समय उनकी उम्र 31 साल 93 दिन थी। उनसे पहले अमित मिश्रा ने 2014 में 31 साल 117 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड बनाया था।

हालांकि नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और कप्तान के रूप में टी-20 वर्ल्ड कप में चार विकेट लेने वाले चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हुए।
कुल मिलाकर इस मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी ताकत और संतुलन का शानदार प्रदर्शन किया। लगातार बड़े स्कोर और बेहतरीन प्रदर्शन से टीम ने टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए हैं और आगे के मुकाबलों के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।
Author: Khabri Chai
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