
छत्तीसगढ़ के छुरीकला क्षेत्र में जल आवर्धन योजना के तहत नगरवासियों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइप बिछाने का कार्य चल रहा है। लेकिन ठेकेदार द्वारा सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे अधूरे छोड़ दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और हादसे का खतरा बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार, विशेषकर रावतपारा से भाटापारा छुरीखुर्द जाने वाले मार्ग पर रोड किनारे गड्ढे बड़े पैमाने पर छोड़े गए हैं। ये गड्ढे न केवल पैदल चलने वालों के लिए खतरा बन रहे हैं, बल्कि वाहनों के लिए भी जोखिम पैदा कर रहे हैं। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि अंधेरे में ये गड्ढे मुश्किल से दिखाई देते हैं, जिससे कई बार बाइक और साइकिल सवार गिरने की नौबत आ गई।
स्थानीय निवासी ने बताया कि “पाइप बिछाने के बाद ठेकेदार ने गड्ढा छोड़ दिया, कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये रास्ता खतरनाक हो गया है।” इसके अलावा, बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
नगर प्रशासन और ठेकेदार की ओर से फिलहाल कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। हालांकि कुछ स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विभागीय अधिकारी मामले का निरीक्षण कर रहे हैं और जल्द ही गड्ढों को भरने या साइन बोर्ड/सुरक्षा इंतजाम लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधूरी पाइप लाइन और सड़क किनारे गड्ढों की स्थिति न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी परेशानी पैदा करती है। इस कारण जनता और प्रशासन दोनों को मिलकर जल्द समाधान ढूंढना जरूरी है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अधूरे गड्ढों को तुरंत भरवाया जाए और आगामी कार्यों के लिए सुरक्षा संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाएं जाएं ताकि हादसे की संभावना कम हो।
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरों और नगरों में बुनियादी योजनाओं के कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





