
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार की नजर हालात पर बनी हुई है। इसी क्रम में नरेंद्र मोदी सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा में देश को प्रभावित करने वाले इन वैश्विक घटनाक्रमों पर अपना पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन में ऊर्जा आपूर्ति, महंगाई और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्पष्टता दी जाएगी।
हाल ही में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखा जा रहा है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की चिंताएं बढ़ी हैं।
रविवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक हुई, जो करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश में जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से संसद में चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भारत में गैस, तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, जबकि केंद्र सरकार का दावा है कि देश में आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और स्थिति नियंत्रण में है।
इसी बीच संसद के कार्यसूची में आज निर्मला सीतारमण द्वारा कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया जाना भी शामिल है। इस विधेयक के जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 और कंपनी एक्ट, 2013 में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का आज का संबोधन न केवल संसद बल्कि आम जनता और बाजार के लिए भी अहम संकेत देगा, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं।
Author: Khabri Chai
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