
अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी वर्चुअली शामिल होंगे।
यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब ईरान से जुड़े वैश्विक तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार राज्यों के साथ समन्वय मजबूत करने पर जोर दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति, एलपीजी की उपलब्धता, महंगाई नियंत्रण, लॉजिस्टिक नेटवर्क और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। खासतौर पर यह सुनिश्चित करने पर फोकस रहेगा कि किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी न हो और जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

इस हाई लेवल मीटिंग में मुख्य रूप से गैर-चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, ताकि प्रशासनिक फैसलों को तेजी से लागू किया जा सके। प्रधानमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर वैश्विक तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जीवन पर भी पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ के लिए यह बैठक खास मायने रखती है। राज्य सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर है और ईंधन आपूर्ति व आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बैठक में राज्य की मौजूदा स्थिति और तैयारियों की जानकारी साझा कर सकते हैं।
बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि सप्लाई चेन को सामान्य बनाए रखें और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करें।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कह चुके हैं कि आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल ही किसी भी संकट से निपटने की सबसे बड़ी ताकत होगी। आज की यह बैठक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





