
गरियाबंद जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित लू (हीट वेव) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
कलेक्टर बी एस उइके ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लू एवं तापघात से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डिप्टी कलेक्टर नेहा भेड़िया को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जो जिले में सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी।
प्रशासन द्वारा तहसील और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, जनपद पंचायत के अधिकारी और कोटवारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को लू के लक्षण, बचाव के उपाय और प्राथमिक उपचार की जानकारी दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में तुरंत ठंडे स्थान पर ले जाना, पानी या ओआरएस देना और आवश्यक चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी होता है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था, स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि समय रहते जागरूकता और तैयारियों के माध्यम से किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
Author: Khabri Chai
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