मोबाइल बैन से लेकर ग्रीन जैकेट तक, जानिए Masters के दिलचस्प नियम

गोल्फ की दुनिया में The Masters का स्थान चारों मेजर टूर्नामेंट्स में सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है। अमेरिका के Augusta National Golf Club में आयोजित यह टूर्नामेंट केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि परंपराओं, अनुशासन और इतिहास का अनोखा संगम है। 1934 में इसकी शुरुआत महान एमेच्योर गोल्फर Bobby Jones और निवेश बैंकर Clifford Roberts ने की थी।

मास्टर्स टूर्नामेंट की सबसे खास पहचान ‘ग्रीन जैकेट’ है, जिसकी शुरुआत 1937 में हुई थी। पहले इसे क्लब के सदस्यों की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन बाद में यह विजेताओं को सम्मान के रूप में दिया जाने लगा। आज ग्रीन जैकेट जीतना हर गोल्फर का सपना होता है।

इस टूर्नामेंट की एक अनोखी परंपरा कैडी (खिलाड़ियों के सहायक) की ड्रेस को लेकर भी है। 1940 के दशक में शुरू हुई इस परंपरा के तहत कैडी हमेशा सफेद जंपसूट और हरी टोपी पहनते हैं, जो टूर्नामेंट की क्लासिक पहचान बन चुकी है।

मास्टर्स का सबसे कड़ा और चर्चित नियम है—मैदान पर मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। अगर कोई दर्शक या व्यक्ति फोन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत बाहर कर दिया जाता है और आजीवन प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। इसके बावजूद दर्शकों की सुविधा के लिए पूरे कोर्स में पुराने स्टाइल के लैंडलाइन फोन लगाए गए हैं, जिनसे मुफ्त कॉल की जा सकती है। यह नियम टूर्नामेंट के “नो-डिस्ट्रैक्शन” अनुभव को बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।

इस टूर्नामेंट में प्रवेश भी आसान नहीं है। यहां टिकट को ‘बैज’ कहा जाता है, जो बेहद दुर्लभ और कीमती होता है। हर साल करीब 20 लाख लोग “मास्टर्स लॉटरी” में आवेदन करते हैं, लेकिन चयन की संभावना 1% से भी कम होती है। यही वजह है कि कई लोग इन बैज को पीढ़ियों तक संभालकर रखते हैं।

मास्टर्स की एक और अनूठी परंपरा “चैंपियंस डिनर” है, जिसकी शुरुआत क्लिफर्ड रॉबर्ट्स ने की थी। हर साल टूर्नामेंट से पहले मंगलवार को आयोजित इस डिनर में केवल पूर्व विजेताओं को आमंत्रित किया जाता है। खास बात यह है कि इस डिनर का मेन्यू पिछले साल का विजेता तय करता है, जिससे हर बार इसमें नया स्वाद और विविधता देखने को मिलती है।

इतिहास की बात करें तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Dwight D. Eisenhower ऑगस्टा नेशनल के सदस्य बनने वाले एकमात्र राष्ट्रपति थे। उनके लिए विशेष केबिन भी बनाया गया था।

मास्टर्स में छोटे-छोटे नियम भी इसे खास बनाते हैं। जैसे, ऑटोग्राफ देने के दौरान विजेता खिलाड़ी झंडे पर अमेरिका के नक्शे के अंदर साइन करते हैं, जबकि अन्य खिलाड़ी बाहर साइन करते हैं। वहीं, कोर्स को टीवी पर परफेक्ट दिखाने के लिए किसी भी सूखी जगह को हरे रंग से पेंट किया जाता है।

कुल मिलाकर, मास्टर्स टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, परंपरा और प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जो इसे दुनिया के सबसे खास खेल आयोजनों में शामिल करता है।

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Author: Khabri Chai

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