छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम की सामान्य सभा शुक्रवार को भारी हंगामे और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चली, जिसमें महापौर, एमआईसी सदस्य, पार्षद, आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कुल 14 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें से 12 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, एक एजेंडा विलोपित किया गया और एक को शासन के मार्गदर्शन के लिए भेजा गया। सबसे ज्यादा चर्चा और विवाद सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम करने और ठेला-गुमटी व्यापारियों को व्यवस्थित करने के लिए 15 नए वेंडिंग जोन बनाने के प्रस्ताव को लेकर हुआ।

इस मुद्दे पर करीब डेढ़ घंटे तक 25 से अधिक पार्षदों ने अपनी राय रखी। कई सदस्यों ने सुझाव दिए, तो कुछ ने इसका विरोध भी किया। इसके बावजूद, संशोधन और आपत्तियों के साथ अंततः प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि कई एजेंडों को जल्दबाजी में पास किया गया और वार्डों की जमीनी समस्याओं पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। तात्यापारा रोड चौड़ीकरण जैसे मुद्दे उठाने की कोशिश की गई, लेकिन सत्तापक्ष ने बिना पूर्व सूचना के चर्चा का विरोध किया, जिससे माहौल और गरमा गया।

सभा में नामकरण और मूर्ति स्थापना से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए। शहीद आकाश राव गिरेपुंजे और पं. वामन बलिराम लाखे की मूर्ति स्थापना को मंजूरी मिली। साथ ही देवेंद्र नगर से पंडरी कपड़ा मार्केट तक मार्ग का नाम स्वतंत्रता सेनानी अयोध्या प्रसाद जैन के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी पास किया गया।

हालांकि कोतवाली चौक का नाम “जैन स्तंभ” रखने के प्रस्ताव को विलोपित कर दिया गया, क्योंकि पार्षदों ने बताया कि इसका नाम पहले ही “महावीर स्तंभ” रखा जा चुका है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी इसका विरोध किया।

व्यवस्थापन से जुड़े दो अहम प्रस्तावों में खालसा स्कूल के सामने विस्थापित 69 दुकानदारों को नई जगह देने का फैसला सर्वसम्मति से पारित हुआ। वहीं किरण बिल्डिंग से जुड़े मामले को शासन के मार्गदर्शन के लिए भेज दिया गया।

इसके अलावा, निगम क्षेत्र में प्रदर्शनी या गैलरी आयोजन के लिए प्रति 10,000 वर्गफीट पर 500 रुपये प्रतिदिन टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी पास हुआ।

बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने पानी की समस्या को लेकर मटकी और बाल्टी के साथ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इससे सभा का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

पूरी बैठक के दौरान कई बार तीखी नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। इसके बावजूद शहर के विकास और व्यवस्थापन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका असर आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और छोटे व्यापारियों के रोजगार पर देखने को मिलेगा।

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Author: Khabri Chai

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