छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में देश के गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कई अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मौजूद रहे। बैठक में बस्तर के विकास को रफ्तार देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए एक विशेष सहकारिता मॉडल (Cooperative Model) को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर के आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए एक दूरगामी योजना का खाका खींचा है। इस योजना के तहत बस्तर के प्रत्येक आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराई जाएगी। गुजरात के प्रसिद्ध ‘अमूल मॉडल’ की तर्ज पर बस्तर के गांव-गांव में दूध संग्रहण केंद्र, प्रोसेसिंग प्लांट और बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस बड़े कदम से बस्तर में एक विशाल पशुधन वितरण और डेयरी नेटवर्क तैयार होगा, जिससे सीधे स्थानीय ग्रामीणों को उनके दूध का सही और सबसे ज्यादा मूल्य मिल सकेगा।गृहमंत्री अमित शाह ने देश की न्याय प्रणाली को लेकर एक बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। उन्होंने कहा कि साल 2029 से पहले देश में एक ऐसी आधुनिक व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, जिसके तहत एफआईआर (FIR) दर्ज होने के महज 3 साल के भीतर निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम फैसला आ जाएगा। गृहमंत्री ने नए कानूनों के शत-प्रतिशत जमीनी क्रियान्वयन पर जोर दिया ताकि न्याय प्रक्रिया में होने वाली देरी को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को ‘अचूक मंत्र’ दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस और अभियोजन पक्ष (Prosecution) वैज्ञानिक तरीके से अकाट्य साक्ष्य जुटाए और जांच पूरी करे, ताकि अदालतों में अपराधियों को 100% सजा मिलना तय हो सके। शाह ने मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने राज्यों के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से समन्वय स्थापित कर 5 साल से पुराने सभी लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्यों में स्पेशल कोर्ट गठित करें।

हर 5 किमी पर बैंक: सभी कल्याणकारी योजनाओं का पैसा सीधे खातों में भेजने के लिए ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवा या डाकघर पहुंचाए जाएंगे। छत्तीसगढ़, एमपी, यूपी और उत्तराखंड अपने यहां साइबर हेल्पलाइन 1930 के कॉल सेंटर्स को तुरंत मजबूत करेंगे।कुपोषण के खिलाफ जंग और जीरो ड्रॉपआउट: केंद्र सरकार के साथ मिलकर कुपोषण को खत्म करने के लिए सोया मिल्क दिया जाएगा। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) को शून्य पर लाने का सख्त निर्देश दिया गया है। जल जीवन मिशन-2 का रोडमैप: ग्रामीण विकास पर 50% ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल जीवन मिशन-2 के तहत हर एक ग्रामीण घर में नल से जल पहुंचाने के लिए राज्यों को तुरंत एक्शन प्लान बनाने को कहा गया है। बस्तर और सरगुजा में ‘सुपोषित मिल्क रूट’ तैयार किया जाएगा, जो पारंपरिक गोठानों और आधुनिक डेयरी मॉडल को जोड़ेगा।इसके लिए ‘डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड’ से कोल्ड चेन, मिल्क प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट लगाने वालों को रियायती लोन दिया जा रहा है।योजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर प्रदेश में रोज 59-60 लाख लीटर दूध का उत्पादन होने का अनुमान है।
Author: Khabri Chai
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