आर-पार की लड़ाई: एक महीने का राशन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासी, 8 सूत्रीय मांगों पर डटे

धमतरी जिले में अपनी बुनियादी सुविधाओं और आठ सूत्रीय मांगों को लेकर वनांचल क्षेत्र के हजारों आदिवासी सड़कों पर उतर आए। सिहावा क्षेत्र के 52 गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने आए हैं और इसलिए अपने साथ एक महीने का राशन-पानी भी लेकर पहुंचे थे।

कलेक्ट्रेट घेराव को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। रास्तों में ट्रक और ट्रैक्टर खड़े कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों ने पैदल मार्च करते हुए सभी बाधाओं को पार कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरे परिसर में नारेबाजी और आक्रोश का माहौल देखने को मिला।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक कलेक्टर स्वयं आकर उनकी समस्याएं नहीं सुनेंगे, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

बढ़ते दबाव और भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों को देखते हुए आखिरकार कलेक्टर को मौके पर पहुंचना पड़ा। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की आठ सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई है, लेकिन अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि वादों को जमीन पर कितना उतारा जाता है।

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Author: Khabri Chai

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