बिजली बिल से भड़के लोग, स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़क पर उतरे उपभोक्ता

भिलाई। राज्य के कई इलाकों में स्मार्ट मीटर के विरोध की खबरों के बीच नगर निगम के वार्ड-29, वृंदा नगर कैंप-1 के निवासियों का सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। बड़ी संख्या में स्थानीय उपभोक्ता मदर टेरेसा नगर स्थित बिजली वितरण केंद्र पहुंचे और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी अपने साथ पुराने मीटर लेकर आए थे और दफ्तर के बाहर उन्हें तोड़कर विरोध दर्ज कराया।

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। नई तकनीक ने उनके बजट को बिगाड़ दिया है। प्रभावित लोगों में अधिकांश मजदूर वर्ग के हैं, जिनकी आय का जरिया दैनिक मजदूरी है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि स्मार्ट मीटर का अतिरिक्त बोझ वे सहन नहीं कर सकते। उन्होंने सहायक यंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि स्मार्ट मीटर को हटाकर पूर्व की भांति पुराने मीटर ही लगाए जाएं।

अधिक बिल आने की खबर गलत

दूसरी ओर, बिजली कंपनी के अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का तर्क है कि स्मार्ट मीटर से बिल अधिक आने की बात पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, यह मीटर अधिक सटीक है और उपभोक्ता खुद अपनी बिजली खपत की वास्तविक स्थिति को आसानी से देख और समझ सकते हैं। फिलहाल, आक्रोशित उपभोक्ताओं और कंपनी के दावों के बीच यह विवाद गहराता जा रहा है।

स्मार्ट मीटर पर सियासत

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर का मुद्दा राजनीतिक बहस में बदल गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में उपभोक्ताओं द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध ने इसे विपक्ष को मुद्दा थमा दिया है। विपक्ष का आरोप है कि स्मार्ट मीटर कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लगाए जा रहे हैं और गरीब जनता पर इनका अनुचित वित्तीय दबाव पड़ रहा है।

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Author: Khabri Chai

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