रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ 4 और 5 जुलाई को आईआईएम नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्री शामिल होंगे। शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने, सुशासन को मजबूत बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और भविष्य की विकास रणनीतियों पर व्यापक चर्चा करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शिविर में कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकी और जनसेवा जैसे अहम विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मंत्रियों का मार्गदर्शन करेंगे।

पहले दिन होंगे ये विशेष सत्र
चिंतन शिविर के पहले दिन की शुरुआत प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान से होगी। इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। वहीं डॉ. रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष व्याख्यान देंगे।
दूसरे दिन योग से होगी शुरुआत
शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद सुमन बिल्ला पर्यटन और सेवा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति और विकास के विषय पर अपने विचार रखेंगे। ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति पर संबोधित करेंगे, जबकि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन को लेकर मार्गदर्शन देंगे।
सरकार का मानना है कि यह चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र और दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, जिससे राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
Author: Khabri Chai
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