रायपुर। प्रदेश में 97% से अधिक हितग्राहियों का डिजिटल सत्यापन पूरा, बस्तर संभाग के लिए समय-सीमा बढ़ाने की तैयारी; नए पंजीयन के लिए पोर्टल भी सिर्फ बस्तर में खुलेगा
महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी (डिजिटल सत्यापन) की 30 जून की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की 65.3 लाख सक्रिय हितग्राहियों में से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा हो गया है। जिन महिलाओं ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ संभाग में तय समय तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनकी जुलाई माह की किस्त रोक दी जाएगी।
हालांकि, बस्तर संभाग के सात जिलों में ई-केवाईसी की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रहने के कारण सरकार वहां सत्यापन की अंतिम तिथि 20 जुलाई तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि अन्य संभागों की तुलना में बस्तर में ई-केवाईसी की गति कम रही है। इसी कारण वहां हितग्राहियों को अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं योजना का लाभ जारी रख सकें।

बस्तर में खुलेगा नया पंजीयन पोर्टल
महतारी वंदन योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी, जिसमें 70.27 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न कारणों से आवेदन नहीं कर सकीं। लंबे समय से नए पंजीयन के लिए पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की जा रही थी।
विभाग ने सरकार को नए पंजीयन के लिए पोर्टल फिर से खोलने का प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल यह सुविधा केवल बस्तर संभाग के लिए शुरू की जाएगी, जबकि अन्य संभागों की महिलाओं को अभी इंतजार करना होगा।
विभाग का अनुमान है कि भविष्य में पूरे प्रदेश में पोर्टल खुलने पर 8 से 10 लाख नई महिलाएं योजना से जुड़ सकती हैं। इनमें अकेले बस्तर संभाग से एक लाख से अधिक संभावित हितग्राही शामिल होने की संभावना है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.




