आजादी के दशकों बाद भी एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में प्राथमिक स्कूल नहीं है. छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है.
स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि लंबी दूरी और सुरक्षा की चिंता के कारण कई बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं. वर्षों से स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. इतनी कम उम्र में बच्चों को 20-25 किलोमीटर दूर स्कूल भेजने से परिजनों को चिंता होती है. गांव में प्राथमिक स्कूल खुलेगा तो बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई लिखाई कर सकेंगे.
हमारे छोटे छोटे बच्चे 20-25 किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करते हैं. गांव में स्कूल बनना चाहिए-सीताबाई,ग्रामीण महिला
कई बार आवेदन लेकिन अबतक सिर्फ आश्वासन-ग्रामीण
गांव के राजेश ने बताया कि पिछले 15 से 20 वर्षों से ग्रामीण अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार आवेदन देते आ रहे हैं. वे खुद लिखना नहीं जानते, इसलिए दूसरों से आवेदन लिखवाकर कलेक्टर शिविर, जनसमस्या निवारण शिविर और विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों में जमा कराते रहे हैं, लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ.
बहुत आवेदन दिए हैं. दूसरों से लिखवाकर आवेदन दिए हैं. 15-25 साल हो गए लेकिन आजतक सुनवाई नहीं हुई है-राजेश, ग्रामीण
वहीं एकता परिषद एवं मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष महेश चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वे ग्राम कुदरापा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा कई बार भरतपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गांव में प्राथमिक स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई.
कई बार ज्ञापन दिया गया है. स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बहुत जरुरी है. अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं-महेश चौधरी,एकता परिषद एवं मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष
अब ग्रामीण कर रहे आंदोलन
महेश चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों से चर्चा के दौरान यह सामने आया कि बच्चों को शिक्षा के लिए दूर-दराज के गांवों में जाना पड़ता है और आसपास स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र गांव की सबसे बड़ी जरूरत हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ग्राम कुदरापा में प्राथमिक स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना नहीं की जाती, तब तक ग्रामीणों के साथ उनका आंदोलन जारी रहेगा.
ग्रामीणों ने दी चेतावनी
सरकार शिक्षा के अधिकार और हर गांव तक शिक्षा पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां करती है. कई बार आवेदन देकर थक चुके ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
Author: Khabri Chai
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