महासमुंद। सुअरमार गढ़ में मकान निर्माण के लिए की जा रही खोदाई के दौरान स्वर्ण रंग के धातु खंड मिलने से क्षेत्र के ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक अतीत को लेकर नई जिज्ञासा पैदा हो गई है। ग्राम सुअरमार निवासी विजय कुम्हार को करीब तीन फीट की गहराई में यह धातु खंड मिला, जिसे उन्होंने बुधवार को जिला प्रशासन को सौंप दिया। इसका वजन करीब 1.70 ग्राम बताया गया है

17 हजार रुपये की अनुमानित कीमत, असली धातु की पुष्टि बाकी
मिले धातु खंड की अनुमानित कीमत करीब 17 हजार रुपये बताई जा रही है। हालांकि, यह वास्तव में सोना है या किसी अन्य धातु से बना हुआ है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इसकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी, जिसके बाद ही धातु की वास्तविक पहचान और कीमत स्पष्ट हो सकेगी।
दो अगस्त को मकान निर्माण के दौरान मिली वस्तु
जानकारी के अनुसार, दो अगस्त को विजय कुम्हार अपने मकान के निर्माण के लिए जमीन की खोदाई करा रहे थे। इसी दौरान करीब तीन फीट नीचे उन्हें यह धातु खंड मिला। उन्होंने इसे सुरक्षित रखने के बाद बुधवार को जिला प्रशासन के सुपुर्द कर दिया।
चपटी और अनियमित आकृति ने बढ़ाया रहस्य
धातु खंड की आकृति चपटी और अनियमित है। इसकी सतह पर दबाव और मोड़ के निशान भी दिखाई देते हैं। प्रथम दृष्टया यह हथौड़े से पीटकर तैयार की गई धातु की पट्टिका या पत्र जैसी प्रतीत होती है। इसकी वास्तविक प्रकृति और उपयोग का पता विशेषज्ञ जांच के बाद ही चल सकेगा।
काली मिट्टी और खपरैल के अवशेष भी मिले
खास बात यह है कि धातु खंड के साथ खोदाई के दौरान काली मिट्टी तथा पुराने खपरैल के अवशेष भी मिले हैं। इन अवशेषों ने सुअरमार गढ़ के संभावित ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक महत्व को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब यह सवाल उठ रहा है कि जमीन के भीतर मिली वस्तु का संबंध क्षेत्र के पुराने इतिहास से है या नहीं। जिला प्रशासन ने मिले धातु खंड को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया है।
Author: Khabri Chai
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