AAP का बड़ा फैसला: राघव चड्ढा हटाए गए राज्यसभा उपनेता पद से

आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह पार्टी ने पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया कि अब राघव चड्ढा सदन में पार्टी की ओर से नहीं बोलेंगे।

राघव चड्ढा वर्ष 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक जारी रहेगा। हालांकि, पार्टी ने इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जरूर है कि वे लंबे समय से पार्टी की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे और अहम मुद्दों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से बच रहे थे।

खास बात यह है कि जब दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को 27 फरवरी को राहत मिली थी, तब भी राघव चड्ढा की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इससे उनके पार्टी से दूरी के संकेत और मजबूत हुए।

हालांकि, संसद के पिछले दो सत्रों में राघव चड्ढा ने आम जनता से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने गिग वर्कर्स जैसे Zomato, Swiggy और Blinkit के डिलीवरी पार्टनर्स की कम सैलरी, सामाजिक सुरक्षा की कमी और 10 मिनट डिलीवरी मॉडल पर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, खाद्य मिलावट, एयरपोर्ट पर सस्ते खाने की सुविधा जैसे मुद्दों को भी जोरदार तरीके से रखा।

उन्होंने मोबाइल रिचार्ज को 28 दिनों की बजाय पूरे महीने के हिसाब से करने, बैंक पेनल्टी खत्म करने, विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त आयकर फाइलिंग और पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने जैसे प्रस्ताव भी दिए थे।

वहीं, नए उपनेता बने अशोक मित्तल पंजाब के जालंधर से आते हैं और Lovely Professional University के संस्थापक और चांसलर हैं। वे 2022 में राज्यसभा सांसद बने और राजनीति में आने से पहले एक सफल उद्योगपति रहे हैं। उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ के जरिए ऑटोमोबाइल और मिठाई व्यवसाय से जुड़ा रहा है।

AAP का यह फैसला पार्टी के भीतर चल रहे बदलावों और रणनीतिक पुनर्गठन का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके राजनीतिक मायने और स्पष्ट हो सकते हैं।

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Author: Khabri Chai

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