
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेहद सख्त और तल्ख टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि CGPSC घोटाले में शामिल आरोपियों ने केवल कानून नहीं तोड़ा, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ ऐसा अपराध किया है, जो कई मामलों में हत्या से भी अधिक जघन्य है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होती है। जब इस व्यवस्था को पैसे, प्रभाव और साजिश के जरिए तोड़ा जाता है, तो यह हजारों ईमानदार और मेहनती युवाओं के सपनों की हत्या के समान है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती।
गौरतलब है कि CGPSC भर्ती घोटाले में आरोप है कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी कर चहेते उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसमें अधिकारियों, प्रभावशाली लोगों और बिचौलियों की मिलीभगत सामने आई है। इस घोटाले के कारण कई योग्य उम्मीदवारों का चयन नहीं हो सका, जिससे युवाओं में गहरा आक्रोश और निराशा फैली।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के घोटाले केवल एक परीक्षा या भर्ती तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में विश्वास की पूरी प्रणाली को कमजोर करते हैं। युवाओं का सिस्टम से भरोसा उठना किसी भी राज्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिए कि मामले की जांच निष्पक्ष, तेज और प्रभावी तरीके से पूरी की जाए।
CGPSC घोटाले को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। विपक्ष ने कोर्ट की टिप्पणी को शासन-प्रशासन पर करारा तमाचा बताया है, जबकि सरकार की ओर से कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट की यह टिप्पणी भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक कड़ा संदेश है। इससे यह साफ हो गया है कि न्यायपालिका भर्ती घोटालों को सामान्य अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक अपराध मान रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां कब तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करती हैं और क्या दोषियों को सख्त सजा मिल पाती है। CGPSC घोटाला न सिर्फ प्रशासनिक विफलता का उदाहरण है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं के साथ हुए अन्याय की भी कहानी कहता है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.




