Khabri Chai Desk : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” के तहत छत्तीसगढ़ में मातृत्व सुरक्षा को लेकर विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत 24 और 25 सितंबर को प्रदेश के 843 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में 40,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया। इन सत्रों में उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा प्रदान की गई।

अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर कम करना और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन, अल्ट्रासाउंड और पोषण परामर्श जैसी सेवाएँ दी। करीब 10,000 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था में चिन्हित किया गया और 6,000 से अधिक महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी की गई।
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राज्य एवं जिला अधिकारियों ने 187 सत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की। बिलासपुर जिले में हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएँ पहुंचाई गईं।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएँ हमारी जिम्मेदारी हैं और सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इस पहल को मातृ स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि समय पर जांच और विशेषज्ञ सेवाओं से मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।
इस अभियान से दूरदराज़ क्षेत्रों की महिलाओं को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावी रूप से उपलब्ध हुई हैं।
Author: Khabri Chai
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