Khabri Chai Desk : छत्तीसगढ़ सरकार अब उन 1207 प्राथमिक स्कूलों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां अभी भी केवल एक शिक्षक कार्यरत है। सरकार का उद्देश्य इन शालाओं में जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति कर शैक्षणिक ढांचे को सशक्त बनाना है। इसके लिए प्रधान पाठकों की पदोन्नति, नवीन शिक्षक भर्ती और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को तेजी से लागू किया जा रहा है।

जिलावार स्थिति:
राज्य के विभिन्न जिलों में एकल शिक्षकीय स्कूलों की स्थिति इस प्रकार है:
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बस्तर: 283
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बीजापुर: 250
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सुकमा: 186
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मोहला-मानपुर-चौकी: 124
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कोरबा: 89
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बलरामपुर: 94
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नारायणपुर: 64
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धमतरी: 37
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सूरजपुर: 47
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दंतेवाड़ा: 11
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अन्य जिले: 22
सरकार की योजना है कि इन सभी स्कूलों में जल्द ही शिक्षकों की आवश्यकता अनुसार तैनाती की जाए।

क्या है युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया?
युक्तियुक्तकरण का मकसद राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित व तर्कसंगत उपयोग करना है। इसके तहत शिक्षकों की पोस्टिंग स्कूल की ज़रूरत के अनुसार की जा रही है, जिससे शिक्षा का अधिकार अधिनियम और नई शिक्षा नीति (NEP) का भी पालन सुनिश्चित हो सके
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस विषय में कहा,
“हमने यह संकल्प लिया है कि छत्तीसगढ़ में अब कोई भी बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के जरिए हम सिर्फ शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा में सामाजिक न्याय की स्थापना कर रहे हैं।”
शिक्षा विभाग के अनुसार, युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का उद्देश्य राज्य में शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस प्रक्रिया के अंतर्गत स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, जिससे शिक्षा का अधिकार अधिनियम और नई शिक्षा नीति दोनों का पालन सुनिश्चित हो सके।
Author: Khabri Chai
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